February 22, 2024
Bahan Ki Chut Chudai

नमस्कार दोस्तों मैं आप की काजल फिर से readxstories.com पर, एक और Hindi Sex Story लेकर लाई हूँ। 

दोस्तों इस xxx कहानी में आप पढोगे की बारिश के मौसम में बहन को लगा भाई के लंड का चस्का,और इस कहानी का शीर्षक है- बारिश के मौसम में बहन की चूत चुदाई ( Bahan Ki Chut Ki Chudai )

चलिए कहानी को शुरू करते है।

मेरा नाम राहुल है और मेरी उम्र 24 साल की है।

ये कहानी है तब की जब मैं  दिल्ली के Malviya Nagar में पढ़ता था। तब मैं 1 year था। तब मेरी बहन भी कॉलेज में पढ़ती थी, और हम दोनों की क्लासें भी शाम में होती थीं। तो मैं उसको कॉलेज छोड़ कर फिर कॉलेज जाया करता था।

मेरी बहन थी भी पूरी माल. शुरू-शुरू में तो सब ठीक था।

लेकिन एक दिन जब हम वापस घर आ रहे थे, तो बहुत तेज़ बारिश हो रही थी। हम रास्ते में आते-आते पूरे भीग चुके थे।

मेरी बहन की वर्दी भी सफेद रंग की थी, जो गीला होने के बाद पूरा पारदर्शी हो चुका था। वापस आते हुए हमारी बाइक भी ख़राब हो गई, तो हम एक जगह रुक कर बारिश के रुकने का इंतज़ार करने लगे।

लेकिन वाहा पर और भी लोग खड़े थे, जो मेरी बहन को घूरे जा रहे थे। क्योंकि कपड़े गीले होने की वजह से उसके अंदर का सब नज़र आ रहा था।

तब मैंने अपनी बाइक को एक खंभे के साथ लॉक लगा कर लोकल ट्रांसपोर्ट से ही घर जाने का फैसला किया।

क्योंकि बारिश भी रुक नहीं रही थी, और रात के 10 बज रहे थे। फिर हम रिक्शा लाने के लिए थोड़े आगे की तरफ जाने लगे।

तो मेरी बहन जिसका नाम सीमा है चलते चलते  सीमा का अचानक से पैर मूड गया, और वो गिर गई।

मैंने उसको उठाया लेकिन अब उससे खड़ा भी नहीं हुआ जा रहा था। तो मैंने उसको अपनी बाहों में उठा लिया, और तभी एक रिश्ता आ कर रुका। लेकिन उसके पास एक ही सीट खाली थी।

टाइम भी काफी हो गया था, तो मैंने सीमा को अपनी गोद में बिठा लिया। लेकिन आख़िर मैं भी एक लड़का हूँ।

और एक लड़की के बदन को देख कर, और उसको अपना इतना करीब महसूस करके मेरा लंड खड़ा होना शुरू हो गया।

मेरा लंड अपनी फुल फॉर्म में आ गया, जिसको शायद मेरी बहन ने भी महसूस कर लिया था। और अभी तो हमारा घर भी बहुत दूर था।

बारिश की वजह से रास्ते भी बंद हो चुके थे, तो रिक्शे वाला हमें और लंबे रास्ते से लेकर जा रहा था।

सफ़र काफ़ी लम्बा था, और मैं इतनी देर अपने खड़े लंड को दबा नहीं सकता। मैं अपने लंड को एडजस्ट करने की कोशिश करने लगा, और शायद मेरी इस कोशिश को सीमा समझ गई थी।

इसलिए वो खुद ही थोड़ा सा ऊपर उठी, तो मैंने ज़िप खोल कर अपना लंड बाहर निकाल लिया।

अंधेरा होने की वजह से साथ वाले लोग कुछ नहीं देख सकते थे। अब ऐसे ही मैंने सीमा को इस अंदाज से बिठाया, कि मेरा लंड उसकी टैंगो के बिल्कुल बीच में आ जाए, और ऐसा ही हुआ।

फिर जब सीमा बैठी, तो मैंने महसूस किया कि शायद उसकी त्वचा हल्की सी मेरे लंड को टच हो रही थी। फिर मैंने अपना लंड आहिस्ता से आगे किया,

और जैसे ही रिक्शे को झटका लगा, तो मैंने हाथ उसकी चूत पर चला गया, तो मुझे पता चला कि उसकी सलवार नीचे से थोड़ी मोटी थी।

तब मेरे दिमाग में एक आइडिया आया। अब मैंने अपने दोनों हाथ आगे की तरफ कर दिए, और जैसे ही रिक्शे को कोई झटका लगता, तो मैं उसकी सलवार और ज्यादा फाड़ देता।

अब मेरा लंड सीधा उसकी गीली चूत ( Gili Chut ) को टच हो रहा था।

लेकिन उसकी पैंटी हमारे मिलन को रोक रही थी। फिर मैंने अपने बैग में से कैंची निकाली, और जैसा ही एक और झटका लगा, तो मैंने ध्यान से उसकी पैंटी को नीचे से काट दिया।

मैंने उसकी फुद्दी को पूरा आज़ाद कर दिया।

अब जैसे-जैसे झटके लगते, मेरा लंड उसकी फुद्दी से और ज्यादा ज़ोर से जा कर लगता। बारिश की वजह से हम दोनो पूरा भीग गए थे,

और गीली होने की वजह से मेरा लंड भी उसकी फुद्दी में स्लिप हो कर जाने की कोशिश कर रहा था।

इसकी वजह से उसके मुँह से “आह आअहह हम्म आई ओह” हल्की-हल्की आवाज निकल रही थी। फिर मैंने धीरे-धीरे अपना हाथ उसके बड़े बड़े बूब्स की तरफ किया, और उसके बूब्स को दबाने लगा।

उसको भी बहुत अच्छा लग रहा था, और वो भी नीचे हाथ करके मेरे लंड को सहला रही थी।

ऐसे ही मजे करते-करते हमारा घर आ गया। मेन ने झट से अपना लंड अंदर किया, और रिक्शे वाले को पैसे दिए। अब मैंने देखा कि पूरी सड़क खाली थी,

और रास्ते में जाते हुए मैंने सीमा को अपनी बाहों में उठाया हुआ था, और सारे रास्ते उसने मुझे कस के गले लगाया हुआ था।

जिस वजह है  उसके स्तन सिर्फ चेहरे को छू रहे हैं। फिर ऐसे ही हम घर पहुंच गए, और मैं उसको कमरे में छोड़ कर बाहर निकल आया। घर पर कोई नहीं था, अम्मी-अब्बू शादी पर चले गये।

जब मैं कमरे से बाहर आया, तो थोड़ी देर के बाद उसने मुझे आवाज दी।

मैं अंदर गया तो वो फिर नीचे गिर गई थी। फिर मैंने उसको जल्दी से उठाया, लेकिन मैं जल्दी में भूल गया कि उसने ऊपर वाले को कुछ नहीं पहना था, और उसको भी शायद ये याद नहीं था।

मैं जैसा ही होश में आया, तो मैंने देखा कि उसके बिग बूब्स ( Big Boobs )अब मेरे सामने थे, वो भी बिना किसी रुकावत के। उसके पिंक निपल्स ( Pink Nippal ) देख के मेरा चुनने को दिल कर रहा था।

मैं उसको बिस्तर पर बिठाने के बहाने उसके ऊपर ही जान-बूझ कर गिर गया, और मेरा चेहरा सीधा उसके पिंक निपल्स की तरफ गया।

मैंने उसके निपल्स पर हल्का सा काटा, जिसकी वजह से उसके मुँह से फिर “आह” निकली। अब मैं उसको लिटा कर चूसने  लगा, तो उसने कहा-

सीमा : अयान बात सुनो.

मैने कहा: हा बोलो.

उसने कहा: मेरे पैरो में दर्द हो रहा है जिस के वजह से मुझसे सलवार भी उतर नहीं जा रही हैं।

मैं उसकी तरफ मुँह नहीं कर रहा था, तो उसने कहा-

सीमा : तुम मुझे पहले ही बिना कपड़ो के देख चुके हो। कोई बात नहीं मैं तुम्हारी बहन ही हूं।

फिर मैं उसकी तरफ मुड़ा, और उसकी सलवार उतारने लगा। अब उसकी गुलाबी चूत मेरे सामने थी। मैंने सलवार के साथ ही उसकी पैंटी भी उतार दी थी।

उसकी फुद्दी देख कर तो मेरे मुँह से पानी निकल आया था। और मेरी नज़र उससे हट ही नहीं रही थी।

थोड़ी देर बाद मैंने सीमा की तरफ देखा, तो वो मुझे देख कर हल्का सा मुस्कुरा रही थी। मैंने झट से अपनी नज़र उसकी फुद्दी से हटा ली।

और इस के आगे क्या हुआ वो आप को अगले भाग में पता चलेगा। 

तो दोस्तों Bhai Bahan Sex Story आप लोगो को कैसे लगी। कॉमेंट करके बताए। 

तब तक के लिए अलविदा जल्द मिलते है next part के साथ। 

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