February 29, 2024
Grahak Ki Gand Ki Chudai

हिंदी गे सेक्स स्टोरीज (Hindi Gay Sex Stories) की दुनिया में आप सभी का स्वागत है, आज की कहानी एक डिलीवरी बॉय की है, इस सेक्सी गांड चुदाई की कहानी में आप जानेंगे की कैसे होम डिलीवरी पर ग्राहक की गांड की चुदाई (Grahak Ki Gand Ki Chudai) की।

दोस्तो मैं एक 24 साल का नॉर्मल पर बहुत ही तर्क बंदा हूं, मेरा दिमाग हमेशा ही चूत और गांड की चुदाई के बारे में सोचता रहता है, बाद में उन दिनों की है जब मैं घर चलाने के लिए होम में डिलीवरी का काम कर रहा था।

पूरे दिन डिलीवरी करने के बाद आखिरी डिलीवरी महिपालपुर में आशु नाम के ग्राहक की थी, जब मैंने ग्राहक को कॉल किया तो उसने शाम 8 बजे के बाद आने को कहा।

उस समय 7 बज चुके थे मुझे गुस्सा तो बहुत आया लेकिन कर भी क्या सकता है था खैर 7 बजे मैं ग्राहक के घर गया।

मैंने डोर बेल बजायी तो एक गोरे चिट्टे लड़के ने दरवाजा खोला उसने बताया कि वही आशु है वो सिर्फ अंडरवियर पहने हुए था।

उसके बदन पर एक भी बाल नहीं था गीले बदन में वो बहुत सी हेरोइन को भी फेल कर रहा था उसे देख कर मेरा लंड खड़ा हो गया।

मेरा मन उसकी गांड मरने को करने लगा लेकिन मैं उस समय अपनी नौकरी पे था तो ऐसा कुछ नहीं कर सकता था, तो वो बोला-

उसने मुझे आने के लिए कहा, मैं अंदर जाकर सोफे पर बैठ गया उसने मुझसे चाय कॉफी के लिए पूछा जो अक्सर हमारे साथ नहीं होता है।

मेरा मन बड़े बड़े ख्वाब देखने लगा जो मैं हर डिलीवरी के वक्त मैडम को चोदने के लिए देखता रहता हूं।

उसने डिलीवरी ली और सामने दराज में से पैसे निकाले, जैसा ही वो झुका उसकी गांड चौड़ी हो गई और उसकी गांड का छेद अंडरवियर से ऊपर उबर आया, मेरे दिमाग पर हवस भरी हो गई।

वो मेरे पास आया और मुझे पैसे देकर बोला, “देखो ये पैसे लो, अगर तुम चाहो तो मेरे पास तुम्हारे लिए एक और काम है”।

मैं बोला “क्या सर बताओ”।

उसने कहा “मेरा मालिश वाला आज नहीं आया है अगर तुम कर दो, तो तुम 1000 रुपये कमा सकते हो”।

मैंने हां कर दी मौका समझकर मैं भी सिर्फ अंडरवियर में आ गया।

वो बोला “तुमने कपडे क्यू उतार दिये”।

मैं बोला “सर कहीं तेल का दाग कपड़ो पर ना लग जाए इस लिए”।

वो मुस्कुरा दिया अब मेरी हिम्मत बढ़ने लगी थी, मैंने बहुत सारा टेल लिया और उसके बदन पर लगा कर रगड़ने लगा।

मैं मस्त होने लगा था उसका बदन किसी भी लड़की के बदन को फेल कर सकता था। मुझे उसकी मालिस करने में मजा आने लगा था।

वो आंखे बंद करके उल्टा लेता था, हिम्मत जुटाकर मैंने अपना एक हाथ उसकी छाती की तरफ बढ़ाया।

क्या मस्त छोटी-छोटी चुचियां थी उसकी निचोड़ दो तो रस निकल आया, वो हल्की-हल्की सिस्किया लेने लगा अब मैंने जान बुझकर उसके अंडरवियर पर टेल लगा दिया।

मैं बोला “अरे यार, ये अंडरवियर उतार दे नहीं तो तेल के दाग से ख़राब हो जायेगा”।

वो बोला “तू ही उतार दे” मैंने जैसे ही अंडरवियर उतारा मुझे मिया खलीफा की गांड याद आ गई उसकी गांड पर कोई दाग नहीं था।

ऐसा लग रहा था जैसे चांद धरती पर उतर आया हो, मैं मस्त हो कर उसकी गांड को रगड़ने लगा।

सब कुछ भूल कर मैंने अपनी उगली मैं तेल लगा कर उसकी गांड के छेद में टीका दी और धीरे-धीरे अंदर बाहर करने लगा वो जोर जोर से सिस्किया लेने लगा, वो बोला पूरी उंगली डाल दे”।

मैने कहा “नहीं सर ये गलत बात है”।

मैं उसे तरस रहा था वो बोला “अरे यार मत तड़पा 1000 रुपये अलग से दूंगा तुझे जल्दी कर मैं तड़प रहा हूं”।

पैसे की सुन कर मैंने उसकी बात मान ली अब मैंने अपना अंडरवियर उतार दिया मेरा लंड फड़फड़ा रहा था, अचानक उस बंदे ने मेरा लंड पकड़ लिया।

और बोला “सुन आज के लिए तेरा ये लंड मेरा गुलाम है जितना कहेगा उतने पैसे दूंगा”।

मैं बोला ”सुन गांडू, आज मैं तेरी गांड के ताज महल का लाल किला बना दूंगा”।

मैंने अपने पूरे शरीर पर तेल लगा लिया, आगे जाकर उसका सर पकड़ा और अपना तेल लगा लंड उसके मुंह में दे दिया।

वो ऐसे लंड की चुसाई (Land Ki Chusai) करने लगा जैसे जन्म-जन्म का प्यासा था, चुसने पर उसके मुंह से निकल रही ‘सिरप-सरप-सरप’की आवाज़ मुझे दीवाना बना रही थी।

अब वो उठा और उसने मुझे ज़मीन पर लेटने को कहा, मैं लेट गया तो उसने बहुत सारा तेल मेरे लंड पर डाला।

अब वो मेरे लंड की मालिश करने लगा अब तड़पने की बारी मेरी थी वो उठा और मेरे ऊपर चढ़ गया।

मेरा लंड पकड़ा और अपनी गांड के छेद पर सटा दिया, वो धीरे-धीरे बैठने लगा मेरा लंड उसकी मोटी गांड (Moti Gand) में घुस रहा था।

मैं बोला”भोसड़ीके जल्दी कर नहीं तो लंड निकाल लूँगा।”

वो बोला- “जी हुजूर अभी अपनी मशीन चलाता हूँ”।

अब वो जल्दी जल्दी अपनी गांड हिलाने लगा उसकी आवाज बदल चुकी थी लंड गांड के अंदर बाहर होने से ‘पुक-पुक-पुक’ की आवाज आ रही थी।

मेरे बर्दाश्त से बाहर हो रहा था मैंने उसे नीचे पटक दिया और घोड़ी बना दिया और अपने लंड को उसकी गांड पर सटा दिया और थोड़ा रुक गया।

वो बोला – “क्या हुआ जानू चोदो ना प्लीज़”।

मैं बोला- “नहीं चोदुँगा मैं हर काम के पैसे लेता हूं”।

वो बोला- “जितने चाहिए दे दूंगा प्लीज़ मेरी गांड की प्यास बुझा दे यार”।

मैं बोला- “प्रति मिनट सिर्फ 200 रुपये”।

वो बोला- ”बस, अरे मेरी जान तू प्रति मिनट 400 भी मांगता तो दे देता, चल अब दिखा तेरे लंड में कितनी ताकत है” मैंने अपनी मशीन चालू कर दी, ‘दे-धक धक, दे-धक धक’।

मेरा 6 इंच का लंड जो लम्बा कम पर मोटा बहुत ज्यादा है, पूरी तरह से अपने जलवे पर था उसकी नसे उभर आई थी, वो चिल्लाने लगा”आह आह आअह्ह्ह उम्म्म उईईई, मुझे चोदो, मुझे चोदो।”

वो ज़मीन पर लेट गया पर मैंने उसे नहीं छोड़ा उसकी गर्दन पकड़ ली और गांड को पेलता रहा मेरे टट्टे और उसकी गांड के टकराने से ‘भूत-भूत-भूत’ की जो आवाज़ आ रही थी उसे पूरा कमरा गूँज रहा था।

उसकी आवाज आनी बंद हो चुकी थी शायद वो झड़ चुका था मैं भी अपने चरण पर पहुंच चुका था मैंने जल्दी से उसे सीधा किया।

उसके मुंह में अपना लंड घुसा दिया वो आइसक्रीम की तरह मेरे लंड को चुसने लगा एक जबरदस्त झटके के साथ मेरा खोखला हुआ माल उसके मुंह में भर गया।

मैंने उसका सर पकड़ लिया वो 2-3 बार में मेरा सारा माल पी गया, बाद में उसने किसी कुत्ते की तरह मेरा लंड चाट कर साफ कर दिया।

वो अपने कपड़े पहनने के बाद बहुत खुश था चलते वक्त वो बोला- “तूने मेरी गांड की चुदाई 22 मिनट तक किया।

उसके 4400 प्लस 600 तुम्हारी टिप कुल 5000 तुम्हारे पर तुम्हें दोबारा आने का वादा करना पड़ेगा” मैंने पैसे लिए और हां कर दी।

उस दिन मुझे उसकी गांड की चुदाई और मसाज के कुल मिलकर 7000 रुपये मिले थे मुझे मजा आ गया था।

दोस्तो ये सिलसिला आगे भी चलता रहा, मैं डिलीवरी के साथ उसकी गांड की चुदाई का भी मजा लेता रहा।

मेरी गे सेक्स कहानी (Gay Sex Kahani) कैसी लगी मुझे कमेंट करके जरूर बतायें।

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